शब्दोँ की कविता

Shabdon ke kavita

कविता है बहाव एक भावनाओं का,
बहता जाए इस जग में बिन ठहरे,
शुद्ध जल का जैसे हो एक चश्मा,
बस बहता ही जाए बिन ठहरे।

कहीं एहसास एक गर्माहट का,
कहीं एहसास एक शीतलता का,
बदलते रूप में बहती झरने के समान,
लाती जीवन नया इस सृष्टि में आज।

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