एक झरना

Ek Jharna

एक झरना वो ठन्डे ठन्डे जल का,
बहता लिए बहाव वो निर्मल जल का,
दे जाता सुकून छू कर सभी के मन को,
बह जाता उसका निर्मल जल कल कल करता।

झरना तो बस है जानता बहना,
झरना तो बस है जानता डगर बनाना अपनी,
झरना तो बस है बहता बिन कुछ सोचे और समझे,
झरना तो बस है जानता अपनी डगर पर बढ़ते जाना।

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कहाँ है, कहाँ है

कहाँ है, कहाँ है,कहाँ है, कहाँ है,
कोहरे का वो एक ठंडा सा एहसास,
वो उसका एक धुँधलापन,
वो उसकी एक चाहत,

समाने को सबकुछ अपने आगोश में,
वो उसका प्यार लेने को बेसब्र,
आगोश में अपने सब कुछ,
कहाँ है, कहाँ है,

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