एक एहसास

एक एहसासचाँद को देखा ,
तो एक एहसास सा हुआ,
क्यों है चाँदनी शीतल इतनी ,
श्वेत ठण्डे बर्फ के गोलों सी
चाँदनी का एहसास सा हुआ।

देती रोशनी उस काली रात में ,
सूर्य जब कहीं ग़मगीन हुआ ,
एह्सास इस बात का ,
दिल की गहराईओं तक हुआ।

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