कहाँ है, कहाँ है

कहाँ है, कहाँ है,कहाँ है, कहाँ है,
कोहरे का वो एक ठंडा सा एहसास,
वो उसका एक धुँधलापन,
वो उसकी एक चाहत,

समाने को सबकुछ अपने आगोश में,
वो उसका प्यार लेने को बेसब्र,
आगोश में अपने सब कुछ,
कहाँ है, कहाँ है,

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