यादें

यादेंयादों का क्या है,
जब चाहे तब चली आती हैं,
हम तो इन्हे कभी नहीं बुलाते,
पर क्या करे ?

जब भी तन्हा होता हूँ,
आकर हमे गले से लगा लेती हैं,
आप तो सोहबत में आये ना कभी,
इन यादों का ही तो सहारा है,
यादों का ही तो भरोसा है,
और ये यादें,
खूबसूरत यादें,
प्यारी यादें,

छू कर करीब से,
अहसास दिलाती हैं,
कुछ उन अनकही ,
अनछुई बातों की,
जो की कहीं है भीतर,
इस दिल की गहराइयों में,

छुपी हुई है,
दबी हुई है,
यादें,
प्यारी यादें,
उसकी यादें,

यही तो है हमारी धरोहर,
और तो कुछ बचा नहीं,
एक यही तो है सहारा,
इन यादों का,
मेरी यादें,

हमेशा मेरे साथ,
मेरे पास,
उन अहसासों को ज़िंदा करती हुई,
उन हसीन पलों को जीवन देती हुई,
यादें है ये ऐसी यादें,

कभी ना होंगी दूर हमसे,
ये यादें।

About Ashutosh Kasera

Technologist at Brain, Writer at Heart and Interpreneur by Choice.

Businesses are Changing with the changing face of Internet. Online Business, Brand Management, SEO, SMM are the new buzzwords reengineering today's dynamic business environment.
Romancing with Words, Acumen for Technology, Passion for SEO, Thinking Out of the Box and developing killer Business Strategies excites me. Creating World of Words thrills me.
I help businesses regarding SEO Consultancy, Copywriting, Brand Building, Reputation Management, Online Business Strategies and Online Marketing Strategies.
Need my help ! Hire my Services at oDesk.
Tagged Memories, अहसास, खूबसूरत, धरोहर, यादें. Bookmark the permalink.

One Response to यादें

  1. soch says:

    wakai yeh yaadein bahut khubsurat. Pyari . Sundar hoti hai.
    Yaadein hi hume haste hue rula deti hai aur rote hue hasa deti hai
    Ab toh mere pass tarriff le liye shaad hi naii hai.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

CommentLuv badge