शब्दोँ की कविता

Shabdon ke kavita

कविता है बहाव एक भावनाओं का,
बहता जाए इस जग में बिन ठहरे,
शुद्ध जल का जैसे हो एक चश्मा,
बस बहता ही जाए बिन ठहरे।

कहीं एहसास एक गर्माहट का,
कहीं एहसास एक शीतलता का,
बदलते रूप में बहती झरने के समान,
लाती जीवन नया इस सृष्टि में आज।

हर एक कविता बुनता मैं शब्दोँ के जाल से,
दिल की गहराइयो को बना एक स्रोत मैं,
कभी लिए गर्माहट अपनी गोद में,
तो कभी लगा लेता मैं शीतलता को गले।

शब्दोँ की ये कविता,
बन जाती जीवन कभी किसी इंसान की।

कितनी शीतल और कितनी मधुर,
जैसे सूरज की हो एक सुनहली सी किरण,
भावनाओं के रथ पर हो सवार,
दौड़ चली जैसे छूने आसमां को,

सारथी है जिसका वो एक ही भगवान,
रौशनी की वो एक किरण,
रोशन करता मेरे पथ को,
भेज वो एक सुनहली सी किरण।

सूर्य है जिसका रचयिता और सृजनकर्ता,
दहकता भर अँगारो को भीतर अपने,
फिर भी नहीं भूलता बनाना,
सृजनकर्ता जीवन का इस धरती पर,

संपूर्ण सृष्टि का है यही तो करता और धरता,
चल पड़ा है एक बार फिर आज हो सवार,
शब्दोँ की कविता पर हो सवार,
भावनाओं के दौड़ते वो अश्व,

सारथी जिसका है खुदा,
किरण हो सवार,
कविता के रथ पर,
दौड़ चले ले कर।

संजोये जीवन के सार को,
अश्व भावनाओं के दौड़ाते,
चल पड़ी किरण हो सवार,
शब्दोँ की कविता के रथ पर हो सवार।।

About Ashutosh Kasera

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7 Responses to शब्दोँ की कविता

  1. soch says:

    bhavnao ka sundar ashva daudaya hai.
    Shrishti ke sare bhavo par aapke ashva ne vishram kiya hai.
    Rath bhavnao ki wakai khub sajaya hai. Good.

  2. SP Singh says:

    हर एक कविता बुनता मैं शब्दोँ के जाल से,
    दिल की गहराइयो को बना एक स्रोत मैं,
    कभी लिए गर्माहट अपनी गोद में,
    तो कभी लगा लेता मैं शीतलता को गले।

    – आशुतोष जी अति सुन्दर रचना प्रस्तुत की है आपने हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर। visionofasoul.com को हार्दिक बधाई।।

    • बहुत बहुत धन्यवाद एस. पी. सिंह जी। प्रसन्नता हुई जानकर की आपको मेरी रचना पसंद आयी। आगे भी पूर्ण प्रयासरत रहूँगा ऐसी ही सुन्दर रचनाओं के लिए।बस आप लोगो का ऐसे ही आशीर्वाद और प्रोत्साहन मिलता रहे।

  3. pallavi gaur says:

    Nice soothing astonishing words Ashutosh!! Would definitely recommend my circle to go through it.Highly highly appreciable.

    • Thanks Pallavi for going through my blog and motivating me with your kind words. Your thoughts, efforts and actions are highly appreciated. I am glad that you found the words soothing.

      Thanks once again. Keep visiting and keep writing.

  4. anupma singh says:

    hi…
    I m anupma from mumbai and i liked your poem very much.

    • Hi Anupma,

      Thanks for your kind words of appreciation. Words of kind motivations like yours help me weave this beautiful world of words and I hope to write more as well as better with time.

      Thanks once again. Keep visiting and keep writing.

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